धार्मिक

पैरों की गलत दिशा बदल सकती की खुशकिस्मती को बदकिस्मती में

क्या आप जानते किस तरफ पैर करना हो सकता है आपके लिए बुरा समय

आप सबको मालूम है कि बच्चों कि पहली पाठशाला घर होती है। ऐसे में माता पिता बच्चों के पहले शिक्षक होते है। बचपन से लेकर हमारे बड़े होने तक वह हमें सिखाते है क्या हमारे लिए सही है, क्या गलत है।  ऐसे हम कह सकते है कि हमारा पहला विघालय हमारा घर है और हमारे माता पिता  हमारे पहले शिक्षक जो हमारे जीवन से जुड़ी सारी बाते हमें  बचपन से ही सीखाते है। बड़ो का आदर करना चाहिए, किस तरह से समाज में रहन-सहन खानपान के बारे में भी बताया जाता है क्योंकि बच्चे ही बड़े होकर देश के भविष्य बनते है जिससे हमारे देश का विकास होता है इसलिए बच्चों के दिल दिमाग में अच्छी सोच भर दी जाती है।

ऐसे में हमे किस तरफ पैर करना चाहिए और किस दिशा में पैर नहीं करना चाहिए यह भी समय समय पर हमारे माता पिता हमें बताते रहते है लेकिन अगर आपको नहीं पता है किस दिशा में पैर करना आपके लिए बुरा वक्त ला सकता है तो हम आपको बताते है, जिससे आपके ऊपर हमेशा अच्छा वक्त और भगवान की कृपा बनी रहे।  धर्म से जुड़ी सभी जानकारी साथ ही साथ यह कहा जाता है कि भगवान, गुरू,अग्नि,आदि का हमेशा सम्मान करना चाहिए गलती से भी इनमें से किसी के भी सामने पैर नहीं फैलाना चाहिए। पुराण में बताया गया है कि ऐसा करने से इनका अपमान होता है। और बुरा दिन शुरू हो जाता है।

शास्रों की बात करे तो कभी लेटते समय गलती से भगवान की तरफ पैर नही करना चाहिए ऐसा करने पर उनका अपमान होता हैं। गाय को गौ माता, नदी को गंगा माता से संबंध है इनकी पूजा करनी चाहिए कभी भी किसी  ब्राह्मण का अपमान नहीं करना इनका अपमान तो समझों भगवान का अपमान हुआ। आपको बता दे कि सूर्य को भगवान के रूप में सबसे पहले पूजा जाता है और चंद्रमा को भी भगवान का दर्जा दिया गया है इसे पेड़ पौधों का स्वामी माना जाता है। इसलिए इनके तरफ कभी पैर नहीं करना चाहिए। गुरू जिसे शास्र में भगवान से ऊँचा स्थान मिला है जो हमें शिक्षित करता है सही रास्ता दिखाता है उसे भूल से कभी पैर न दिखाए यह सबसे बड़ा पाप माना जाता हैं।

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