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भारतीय सेना पद की संपूर्ण जानकारी, आप भी ऐसे कर सकते हैं देश की सेवा

एक सच्चा भारतीय ही देश की आर्मी सेना की कदर कर सकता है. आज की हमारी युवा पीढ़ी भले ही काफी मॉडर्न हो चुकी है लेकिन आज भी देश प्रेम का पाठ नहीं भूली है. ऐसे में यदि आप भी देश प्रेमी हैं और देश के लिए कुछ कर दिखाना चाहते हैं तो यह ख़ास पोस्ट केवल आपके लिए है. यहाँ हम आपको भारतीय सेना पद की जानकारी हिंदी में देने जा रहे हैं. बता दें कि भारतीय आर्मी दुनिया की सबसे बड़ी आर्मी सेना है जिसमे 14 लाख से भी अधिक सैनिक तैनात हैं. वहीँ सेना में कुल 16 रैंक होती हैं जीने तीन मुख्य केटेगरी में रखा जाता है:-

1. कमीशंड ऑफिसर्स (Commissioned Officers)
2. जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स ( Junior Commisioned Officers)
3. नॉन कमीशनड ऑफिसर ( Non Commissioned Officers)

भारतीय सेना पद की जानकारी

फील्ड मार्शल( Field Marshal)

यह भारतीय सेना का सबसे उच्च पद कहलाता है. इसमें थल सेना के गिने-चुने लोगों को यह टैग दिया जाता है.

जनरल सेना प्रमुख( General or Army Chief)

यह भारतीय आर्मी सेना का दूसरा प्रमुख व अहम पद है. इसकी पहचान वर्दी पर बनी तलवार और डंडा क्रॉस से की जा सकती है साथ ऊपर पांच बिन्दुओं वाला स्टार और एक अशोक स्तम्भ बना होता है. इस पोस्ट की रिटायरमेंट आयु सीमा 62 साल है.

लेफ्टिनेंट जनरल (Lieutenant General)

इस पद की पहचान है कि सेना कर्मी के कंधों पर तलवार के साथ डंडा कैंची और अशोक स्तंभ बना होता है. साथ ही अधिकारी के शर्ट के कालर पर 3 स्टार बने होते हैं. इसकी रिटायरमेंट के लिए आयु सीमा 60 साल तय की गई है.

मेजर जनरल (Major general)

मेजर चौथी उच्च पोस्ट है. भारतीय आर्मी सेना में इसकी पहचान अधिकारी के कंधों पर तलवार और डंडा कैंची के इलावा वर्दी के ऊपर लगे स्टार, कॉलर में लगे 2 स्टार और पैच हैं. इसके लिए अधिकारीयों की रिटायरमेंट आयु 58 साल तय की गई है.

ब्रिगेडियर (Brigadier)

इस पोस्ट के अधिकारी के दोनों कंधों पर एक-एक अशोक स्तंभ और तीन-तीन स्टार होते हैं. इसकी रिटायरमेंट आयु सीमा की बात की जाए तो उसकी लिमिट 56 वर्ष रखी गई है.

कर्नल (Colonel)

कर्नल की रैंक भारतीय आर्मी सेना में पांचवी उत्तम रैंक है. इसकी पहचान अधिकारी के शोल्डर पर अशोक स्तंभ लगना और साथ ही दो-दो स्टार होना है. इसके इलावा कर्नल के कॉलर पर मैरून कलर का पैच लगाया जाता है जोकि उन्हें कमांडिंग ऑफिसर की पहचान दिलवाता है. इस रैंक के अधिकारीयों की रिटायरमेंट आयु सीमा 54 वर्ष रखी गई है.

लेफ्टिनेंट कर्नल (lieutenant colonel)

लेफ्टिनेंट अधिकारी की वर्दी के दोनों कंधों पर एक-एक स्टार के साथ अशोक स्तंभ बना होता है.

मेजर (Major)

भारतीय आर्मी में मेजर की पहचान के लिए उनके शोल्डर पर अशोक स्तंभ दिए होते हैं.

कैप्टन (captain)

भारतीय सेना में कैप्टन अधिकारीयों की पहचान आप उनके कंधों पर लगे तीन-तीन स्टार्स से कर सकते हैं.

लेफ्टिनेंट (lieutenant)

कमीशन रैंक में लेफ्टिनेंट रैंक सबसे पहला रैंक होता है. इसमें अधिकारी के दोनों कंधों पर दो-दो स्टार होते हैं.

जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स

सूबेदार मेजर (Subedar Major)

भारतीय सेना में सूबेदार मेजर जूनियर कमीशंड ऑफिसर रैंक है. इसके अधिकारीयों के दोनों कंधों पर अशोक स्तंभ लगाया जाता है साथ ही इसमें स्ट्रिप लगाई जाती है. इसकी रिटायरमेंट लिमिट 30 साल की है.

सूबेदार (Subedaar)

इस रैंक के अधिकारीयों की वर्दी के दोनों शोल्डर्स पर दो-दो स्टार्स और साथ में एक स्ट्रिप लगाई जाती है. इसकी सेवा के लिए आयु सीमा 28 वर्ष तक की है. इतना ही नहीं बल्कि 52 वर्ष की उम्र तक के पहले अधिकारी भी अपनी सेवा दे सकते हैं.

नायब सूबेदार

इसकी पहचान आप अधिकारी के कंधों पर पांच मुखी स्टार से और स्ट्रिप से कर सकते हैं. यह अधिकारी देश को सेना में 28 साल तक अपनी सेवाएं दे सकते हैं.

नॉन कमीशंड ऑफिसर

  • हवलदार (havaladaar)
  • नायक (Nayak)
  • लांस नायक (Lance Nayak)
  • सिपाही (sipaahee)

 

 

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