अजब गजब

मोदी भक्त निकला दूल्हा, दुल्हन बोली मर जाउंगी लेकिन इससे शादी नहीं करूंगी

आजकल शादी ब्याह करने से पहले लड़की या लड़की के घर वाले सबसे पहले देखते हैं कि लड़के की आमदनी क्या है, लड़का सरकारी नौकरी में है तो सबसे अच्छा वरना प्राइवेट नौकरी से भी आजकल लड़की वाले काम चला लेते हैं, यह भी देखते है कि क्या वह लड़की को खुश रख सकता है या नहीं। लड़का अगर अच्छा कमाता है तो बात आगे बढ़ाई जाती है, फिर उसकी कद काठी देखी जाती है। कही लड़का काला, मोटा या फिर कम हाइट का तो नहीं है? अगर ऐसा कुछ होता है तो बात वहीं रोक दी जाती है। अच्छी बात है सबको अपने मन मुताबिक ही शादी करनी चाहिए, लेकिन जहां ऐसी शर्ते आ जाये वहां फिर शादी नाम का कोई रिश्ता नहीं रह जाता। फिर वह रिश्ता समझौता कहलाता है।

लेकिन आपको यह भी बात दें की आजकल सिर्फ पैसा कमाना अच्छा दिखना ही काफी नहीं है। बहुत सारे रिलेशनशिप वैचारिक मतभेद की वजह से भी नहीं चल पा रहे हैं। हम इंसानो का हर चीज़ को समझने का तरीका अलग अलग होता है। हम सबका किसी भी चीज़ को देखने का नजरिया अलग-अलग होता है चाहे वह कोई भी विषय हो या फिर समस्या हो।

पहले के ज़माने में माता पिता ही शादी तय कर देते थे और लड़का लड़की शादी वाले दिन ही एक दूसरे को देखते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है, पहले लड़का एक दूसरे से काफी वक़्त तक बात करते हैं, एक दूसरे को समझते हैं, एक दूजे के साथ कॉम्पैटिबिलिटी देखते हैं तब आगे जीवन बिताने का फैसला करते हैं।

हुआ कुछ यूँ कि लड़का व्यापारी था और लड़की सरकारी नौकरी में थी, दोनों के बीच शादी की बात शुरू हुई और दोनों ने कही मिलने का प्लान बनाया, कुछ वक़्त बात चीत होने के बाद मंदिर में मिलने का फैसला क्या। बात चीत के दौरान दोनों में से किसी ने देश में फैली आर्थिक मंदी का ज़िक्र छेड़ दिया। लड़की ने आर्थिक मंदी के लिए मोदी जी को दोषी ठहरा दिया। वहीं लड़का निकला मोदी भक्त और इस बीच दोनों में बहस होने लगी। बहस इतनी ज़ादा बढ़ गयी के दोनों ने इस शादी की बात को वही विराम देने का सोचा और अपने रास्ते अलग कर लिए।

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