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कोरोना से जंग, कही हारने तो नहीं लगे हम?

ठीक कुछ महीनो पहले की ही बात है जब इंसान अपनी मन मर्ज़ी का मालिक हुआ करता था, या सीधे यही कह सकते हैं की इंसान खुद को ही भगवन समझने लग गया था। लेकिन प्रकृति का यही नियम है कि जब भी धरती पर पाप का घड़ा भर जाता है तो कुछ न कुछ ऐसा हो ही जाता है के इंसान को पटरी पर आने में ज़ादा समय नहीं लगता। जहाँ आज सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया कोरोना जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा है। आज की तारीख में कोरोना न जाने कितने ही घर उजाड़ चुका है।


देश में कोरोना की क्या स्थिति है इसका अंदाजा सबको है। सरकार ने भी सारे तरीके लगा डाले इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए। लेकिन कभी नादान जनता की गलगी की वजह से और कभी सरकार के कुछ गलत फैसलों की वजह से आज भारत में 50,000 से ऊपर कोरोना के मरीज़ बढ़ चुके हैं।

देश में बढ़ रही कोरोना की गिनती के लिए कभी जमातियों को गुनेहगार ठहराया गया तो कभी कभी खुद सरकार ने ही शराब की दुकाने और ठेके खोल कर इस महामारी को हवा देदी। ऐसा लगने लगा है के अब इस महामारी से बाहर आ पाना बहुत मुश्किल है।

बीतें मात्र तीन दिनों में ही मरीजों की गिनती में लगभग 15,000 का इजाफा हुआ है, भारत में कोरोना की हिस्ट्री में यह अभी तक आये केसेस में डेली के हिसाब से बहुत बड़ा अंक है। लोग बीमार हो रहे है और मर भी रहे हैं। और अगर इसे आने वाले समय में कंट्रोल नहीं किया गया तो देश में स्थिति बद से बदतर हो जाएगी। नज़र डालते हैं कुछ आंकड़ों पर:-

बता दें कि सबसे पहले जनवरी में केरल में कोरोना का पहला मामला सामने आया था। इस तरह बढ़ता गया कोरोना का आंकड़ा
25 मार्च- 605 पॉजिटिव केस, 10 मौत
3 अप्रैल- 2547 पॉजिटिव केस, 62 मौत
4 अप्रैल- 3072 पॉजिटिव केस, 75 मौत
13 अप्रैल- 9352  पॉजिटिव केस, 324  मौत
14 अप्रैल- 10815 पॉजिटिव केस, 353 मौत
23 अप्रैल- 21700 पॉजिटिव केस, 686 मौत
24 अप्रैल- 23452  पॉजिटिव केस, 723 मौत
6 मई- 52991 पॉजिटिव केस, 1711 मौत

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