धार्मिक

आज इस काम को करने आए हो जाएंगे मालामाल, बानी रहेगी हनुमान जी की कृपा

हनुमान जी की सच्चे मन से पूजा और आराधना करने से मन धन्य धान से भर जाता है। लेकिन अगर आप हनुमान के भक्त है लेकिन आपकी तमाम भक्ति के बाद भी फल नहीं मिल रहा है। तो चलिए आपको बताते है उनकी आराधना करने का सही तरीका।

क्योंकि हनुमान जी ब्रह्मचारी है। इसलिए इनकी इनकी साधनाओ के लिए ब्रह्मचारी व्रत ले। हनुमान जी की पूजा करते समय साफ-सफाई और पवित्रता का खास ध्यान रखना जरूरी है। पूजा के वक्त सिर्फ तन ही नहीं मन से भी पवित्र होना जरूरी है इसलिए पूजा दौरान गलत विचारों की ओर मन को भटकने न दें। शास्त्रों के अनुसार सूर्योस्त के बाद हनुमान जी की पूजा करनें से वह जल्द प्रसन्न होते है। वहीं मंगलवार के दिन हनुमान जी (Lord Hanuman) की पूजा करनें से सभी कामनाये पूरी होती है। जानिए हनुमान के पूजा की पूरी विधि…

शाम को सूर्यास्त के बाद हनुमानजी के सामने साफ आसन पर बैठें और सरसो के तेल का चैमुखा दीपक जलाएं। वहीं दीपक के साथ ही अगरबत्ती, पुष्प भी अर्पित करें। सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। दीपक लगाते समय हनुमानजी के निम्नलिखित मंत्र का जाप करते रहे।

ऊँ रामदूताय नम: ऊँ पवन पुत्राय नम:

वहीं मंगलवार और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पीपल के पेड़ से 11 पत्ते तोड़ लें। इनपर स्वच्छ जल में कुमकुम या अष्टगंध या चंदन मिलाकर इससे श्रीराम का नाम लिखें। नाम लिखते समय हनुमान चालीसा का पाठ करें। जब सभी पत्तों पर श्रीराम नाम लिख लें, उसके बाद राम नाम लिखे हुए इन पत्तों की एक माला बनाएं। इस माला को किसी भी हनुमानजी के मंदिर जाकर वहां बजरंगबली को अर्पित करें।

हर मंगलवार या शनिवार के दिन बजरंग बली को बना हुआ बनारसी पान चढ़ाना चाहिए। बनारसी पत्ते का बना हुआ पान चढ़ाने से भी हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है। जो भक्त रामायण या श्रीरामचरित मानस का पाठ करते हैं या इनके दोहे प्रतिदिन पढ़ते हैं, उन्हें हनुमानजी का विशेष स्नेह प्राप्त होता है। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन व्रत करके शाम के समय बूंदी का प्रसाद बांटने से भी पैसों की तंगी दूर होती है।

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