हेल्थ और फिटनेस

हथेलियां रहती है ठण्डी तो कहीं यह बीमारी तो नहीं

ठण्ड में अक्सर हमारा शरीर ठण्डा रहता है लेकिन सबसे ज्यादा ठण्डी हमारी हाथ पैर की हथेलियां होती है क्योंकि जितना हम शरीर को ढ़ककर रखते है। उतना हाथ पैरों की हथेलियों को ढ़ककर नहीं रख पाते। ऐसे में हथेलियों का ठण्डा होना स्वाभाविक सी बात है लेकिन अगर आपके हाथ पैर बिस्तर के अंदर भी ठण्डे रहते है और घण्टों गर्म नहीं होते है तो यह चिंता की बात है। कई बार बहुत  ठंड महसूस करना भी कई तरह की बीमारियों का संकेत होता है। यह ऐनिमिया, क्रोनिक फटीग,नर्व डैमेज, डायबीटीज, हाइपोथाइडोरिजम और हाइपोथर्मिया जैसी बीमारी को दावत देते है।

अगर आपके साथ ठण्ड लगने की समस्या हमेशा ही बनीं रहती है और आम लोगों के मुकाबले आपको ठण्ड ज्यादा महसूस होती है तो यह आपके लिए चिंता की बात है। लेकिन अगर आपके साथ हमेशा ऐसा नहीं होता है और कभी कभी आपके हाथ पैरों की हथेलियां और के मुकाबले ज्यादा ठंडी आपको महसूस होती है तो आप ठंडी हो चुकी हथेलियों और तलुओं पर गर्म तेल से मसाज करें। तेल लगाने से स्किन में सॉफ्टनेस बढ़ेगी और गर्माहट आएगी। वहीं, मालिश करने से तलुओं और हथेलिओं में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और ऑक्सिजन की मात्रा मेंटेन करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा ठंड महसूस होने पर आप अपने हाथ और पैर गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर कुछ देर के लिए (करीब 15 मिनट) के लिए भिगोकर रखें। गर्म पानी आपकी बॉडी में ठंडक को कम कर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने का काम करेगा। वहीं सेंधा नमक आपके शरीर में मैग्निशियम की मात्रा को बढ़ाएगा, जिससे आपके शरीर के अंदर प्राकृतिक गर्माहट बनी रहेगी। सर्दी से बचने के लिए आयरन से भरपूर भोजन करे। ठंड के मौसम में हाथ, पैर की सुन्न हो जाने की परेशानी से बचने के लिए सोयाबीन, खजूर, पालक, सेब, सूखे हुए आड़ू, ऑलिव्स और चुकंदर का  इस्तेमाल करें।

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