धार्मिक

हनुमान चालीसा में की गई इन गलतियों से हो सकता है अनर्थ

हनुमान चालीसा से जहां डर दूर भागता है वहीं इससे हो सकता है अनर्थ
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर
राम दूत अतुलित बल धामा
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा

जब भी डर लगे तो कहते है हनुमान चालीसा पढ़े। हनुमान चालीसा पढ़ने से डर मीलों  दूर भाग जाता है लेकिन क्या आप जानते लेकिन जहां एक तरफ हनुमान चालिसा से डर दूर भाग जाता है वहीं हनुमान चालीसा में इन गलतियों के करने से अनर्थ भी हो सकता है। लेकिन अगर हनुमान चालीसा का पढ़ने के बावजूद समस्याओं का हल नहीं मिल रहा है तो जरुर आपके पाठ में कुछ ऐसे गलतियां हो रही है जिससे आपके पूजा व्यर्थ जा रही है। आइये जानते है की कब और कैसे करें हनुमान चालीसा का पाठ जिससे कि भगवान हनुमान जी की पूर्ण कृपा हमको मिल सके।

हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले साफ सफाई का बेहद खास ख्याल रखे।  इसके लिए हमेशा नहा धोकर साफ सुथरे कपड़े पहन कर ही चालीसा के पाठ को करना चाहिए और इसके साथ ही हनुमान जी को भी स्नान अवश्य कराएं | हनुमान चालीस का पाठ करने से पहले आसन पर जरुर ध्यान दें।
जिस आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करे उसका रंग लाल ही होना चाहिए। हुनमान जी का पाठ शनिवार या मंगलवार को शुरु करें और लगातार 40 दिनों तक करते रहे। इसके अलावा, हर शनिवार और मंगलवार को अगले 11 शनिवार और अगले 11 मंगलवार तक एक दिन में 21 बार करें।

हनुमान चालीसा के पाठ करने से पहले हनुमान जी की प्रतिमा पर चमेली के तेल और सिंदूर से श्रृंगार कर उन्हें  जनेऊ  अवश्य पहना दें।  अगर आप हनुमान जी को प्रसन्न करना चाहते है तो सबसे पहले उनके प्रभु राम को प्रसन्न करें। इसलिए सबसे पहले राम का नाम लें।

इसके बाद हनुमान जी का स्मरण करके हनुमान चालीसा का पाठ करना प्रारंभ करें। पाठ संपन्न होने के बाद भगवान की मूर्ती के सामने पवित्र जल से भरा हुआ एक बर्तन रखें। अब आप आँखें बंद करके सचे मन से चालीसा का जाप करें। हो सके तो कम से कम इस चालीसा का पाठ 3 बार से लेकर 108 बार करें। अगर आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो आपको हनुमान चालीसा का आपको मन चाहा फल जरुर मिलेगा।

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