धार्मिक

उल्टे हनुमान जी के मंदिर में होती है हर कामना पूरी, रामायण काल से है इस मंदिर का ताल्लुक

अभी तक अपने लेते हुए हनुमान जी के बारे में सुना होगा या फिर लेते हुए हनुमान जी की पूजा की होगी लेकिन हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है। जिसे जानकर आप चौक जाएंगे। हनुमान जी का यह मंदिर जहाँ एक तरफ श्रद्धालुओ को आकर्षित करता है तो वहीं हैरान भी कर देता है। इसी वजह से इस मंदिर पर हमेशा भक्तों का तांता लगा रहता है। तो चलिए आपको बताते ही क्या इस मंदिर की विशेषता जो भक्तों को अपनी तरफ खींच लाता है। आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसकी कहानी रामायण काल से जुड़ी है।

हमारे देश में एक से बढ़कर एक मंदिर है। जिनकी विशेष मान्यताओं की वजह से दूर दूर से लोग खिंचे चले आते है। लेकिन जिस मंदिर के बारे में हम आपको बताने जा रहे है वो हनुमान जी का मंदिर है। यह मंदिर अपनी खास मान्यताओं की वजह से दूर दूर तक प्रचलित है। यह मंदिर मध्य प्रदेश इंदौर के सांवेर में है। इस मंदिर में हनुमान जी की सीधी या फिर लेती हुई नहीं बल्कि उलटी मूर्ति लगाई गई है और रोजाना उलटी मूर्ति की पूजा की जाती है। इस मंदिर को पाताल विजय हनुमान मंदिर कहा जाता है।

इस मंदिर में भगवान हनुमान जी के साथ ही तोते की पूजा की जाती है और इसके पीछे कथा है कि एक बार तुलसीदास को भगवान श्रीराम के दर्शन करने थे तब हनुमानजी ने तोते का रूप धारण कर उन्हें श्रीराम के दर्शन कराए थे और तब से लेकर अब तक यहां पर तोते की पूजा की जाती है। इस मंदिर में श्रीराम, सीता, लक्ष्मणजी के साथ शिव-पार्वती की मूर्तियां भी हैं। माना जाता है कि इस मंदिर  में सच्चे मन से कोई भी कामना करने से भगवान हनुमान उनकी सभी कामनाओं को पूरा करते है।

वहीं हर मंगलवार को यहां आने से मनुष्य की सभी तकलीफें दूर हो जाती हैं। इस मंदिर में हनुमान की उल्टी प्रतिमा के पीछे कहानी है कि एक बार रावण ने श्रीराम और लक्ष्मण का अपहरण कर लिया था। दोनों को बंदी बनाकर उन्हें पाताल लोक ले जाया गया था। तब हनुमान जी ने पाताल लोक में प्रवेश किया था। तब से यहां उलटे हनुमान की मूर्ति स्थापित है कर पूजा का चलन शुरू किया गया।

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