बॉलीवुड

बॉलीवुड के वो कोमेडियन्स जिनका नाम सुनते ही हंसी आ जाती थी

इन कॉमेडियन की शक्ल देखते ही फूट पड़ती थी हँसी

हँसी एक अच्छी दवा है। जो तमाम परेशानियों को कुछ देर के लिए उड़न छू कर देती है। डॉक्टर भी मानते है हँसने से डिप्रेशन खत्म होता है। ऐसे में हिंदी सिनेमा में जहां एक तरफ हीरो और हीरोइन की मुश्किलें दर्शकों को संजिदा कर देती थी। वही इन फिल्मों के कॉमेडियन दर्शकों को खिलखिला देते थे। जिस तरह हिंदी सिनेमा में एक एक्टर का किरदा अहम माना जाता है उसी तरह एक कॉमेडियन का रुतबा भी हिंदी सिनेमा में शुरू से ही रहा है। बात चाहे लीड एक्टर से ज्यादा फीस लेने वाले महमूद की हो या फिर जॉनी वॉकर की। बॉलीवुड की  फिल्मों में कॉमेडी का तड़का हमेशा से ही देखने को मिला है। तो चलिए आपको मिलवाते है गुजरे दौर केउन 5 क्लासिकल कॉमेडियन्स से जिनकी शक्ल देखते ही लोगों की हंसी छूट जाती थी।

इसमें पहला नाम जॉनी वॉकर (Johnny Walker) का आता है। इन्हें 50, 60 और 70 के दशक का सबसे बेस्ट कॉमेडियन माना जाता है। जॉनी वॉकर बेशक आज हमारे बीच नहीं हों लेकिन उनकी फिल्में आज भी लोगों को खिलखिला देती है। उस दौर में लगभग हर फिल्म में लोगों को हँसाने का जिम्मा जॉनी वॉकर का होता था।

महमूद अली

अपने अंदाज, एक्सप्रेशन और बेहतरीन आवाज से लोगों को हंसाने और गुदगुदाने वाले कॉमेडी किंग महमूद अली ने अपनी एक्टिंग के दम पर करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बनाया। जब शूट खत्म होता तो महमूद के लिए जमकर तालियां बजाईं जाती थीं। महमूद अकेले ऐसे कॉमेडियन थे, जिनकी तस्वीर फिल्म के पोस्टर में हीरो के साथ होती थी।

जगदीप
जगदीप बॉलीवुड में कॉमेडी की वजह से जाने जाते हैं। जगदीप को फिल्म शोले में सूरमा भोपाली के किरदार के नाम से जाना जाता है। ये किरदार इतना फेमस हुआ था कि इसकी अलग से फिल्म बनाई गई थी। मशहूर अभिनेता जगदीप ने 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। इन फिल्मों में ‘अब दिल्ली दूर नहीं’, ‘मुन्ना’, ‘आर पार’, ‘दो बीगा जमीन’ और ‘हम पंछी एक डाल के’ हैं। इन फिल्मों के बाद जगदीप को मुख्य अभिनेता के तौर पर फिल्मों में काम मिलने लगा।
भगवान दादा
भगवान दादा का नाम सुनते ही उनकी कॉमेडी और डांस की अलग स्टाइल जहन में उभरने लगता है। भगवान दादा का असली नाम भगवान आभाजी पालव था। फिल्म ‘अलबेला’ (1951) के गीत ‘शोला जो भड़के’ के लिए भगवान काफी लोकप्रिय हुए।
मुकरी
परदे पर जिन्हें देखते ही दर्शकों के होंठों पर मुस्कुराहट आ जाती थी ऐसे ही एक शख्स थे मोहम्मद उमर मुकरी। चार फुट कद के गोल-मटोल मुकरी ने 600 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी भूमिका चाहे छोटी ही क्यों ना रही, लेकिन दर्शकों को हंसाने में उन्होंने कभी कंजूसी नहीं बरती। उस दौरान बड़े से बड़ा स्टार भी मुकरी की कॉमेडी  का कायल था।
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