अजब गजब

भारत की 9 अनोखी परम्पराएं जिनपर आज भी हम हिंदुस्तानी करते हैं आँख बंद कर के भरोसा

भारत की कुछ ऐसी मान्यताएं जिसको आज भी निभा रहे है लोग

इट्स हैपन ओनली इन इंडिया परदेसी बाबू का यह गाना जब कान में पड़ता है तो हमे उन सब परम्पराओ और चीजों की याद दिलाता है। जो जिसकी वजह से हम इंडिया के आगे ग्रेट का इस्तेमाल करते है य यू कहे हमारी संस्कृति और परंपराओं की वजह से ही हम भारत को महान का दर्जा देते है। तो आइए आज आपको बताते है उन दस विचित्र परम्पराओ के बारे में जो है तो बहुत विचित्र लेकिन भारतवासी आज भी इसे पूरी शिद्दत के साथ मानते है।
लोग ऐसी परंपरा को भगवान का आदेश मानकर सदियों से निभाए जा रहे हैं, बिना ये सवाल किये कि आखिर क्यों इन परंपराओं को बनाया गया और इनका क्या मतलब था।

1 जहां हम बच्चे के जन्म पर खुशियां मानाते है वही भारत मे जनजाति ऐसी है जिसे जिप्सी कहते है। यह मनुष्य के जीवन के अंतिम समय को, जीवन का सबसे खूबसूरत पल मानते हैं और  किसी बच्चे के जन्म को यह जनजाति शोक के रूप में मनाते है।

2 सिकंदर महान भले ही इतिहास बन कर रह गया हो लेकिन हिमाचल प्रदेश के मनाला गांव के लोग खुद को आज भी सिकंदर महान का वंशज मानते हैं।  इसलिए वहां की Local Court आज भी Greek System को follow करती है।

3 भारतीय स्त्रियां के ऐसी चीजें करती है जिससे धर्म या कोई परंपरा जुड़ी होती ऐसे में मंगल सूत्र और सिंदूर की भी अपनी परंपरा है लेकिन यहां जो लड़कियां शादी के बाद अपने पैरों में बिछिया पहनती हैं। उसका मानना होता है कि बिछिया पहनने से उनकी तंत्रिकाओं में दबाव पड़ता है जिसके कारण उनकी प्रजनन शक्ति और स्वास्थ्य के बीच उचित संतुलन बना रहता है।

4 हिन्दू धर्म में सांप को दूध पिलाने की बहुत पुरानी परंपरा है। जबकि सच्चाई ये है कि सांप कभी दूध नहीं पीता। अगर सांप भूख की वजह से दूध पी भी लेता है तो कुछ समय बाद वो मर जाता है। दरअसल दूध की वजह से सांप के फेफड़े में इन्फेक्शन हो जाता है जिससे कुछ समय बाद उसके फेफड़े फट जाते हैं और इससे सांप की मृत्यु हो जाती है।


5 बीमारी से बच्चो को बचाने के लिए जहां आजकल तरह तरह के टीके लगाए जाते है वहीं केरल और भारत के कुछ गांव में बच्चों को मंदिर की छतों से फेकने की प्रथा है। उनका मानना है कि इससे बच्चा दीर्घायु रहता है और वह भविष्य में कभी  बीमार नहीं होता है।

6 दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में  देवदासी प्रथा का प्रचलन आज भी चला आ रहा है।  इस प्रथा में युवा लड़कियों की मंदिरों में नीलामी की जाती थी।  साल 1982 में कर्नाटक में इस प्रथा को बंद कर दिया गया था।

7 साल 2004 से भारत में हर चुनाव में अकेले मतदाता के लिए जंगल में अलग से मतदान केंद्र की व्यवस्था की जाती है।

8 भारत में आज भी बारिश कराने के लिए जानवरों की शादी कराने प्रचलन है। कर्नाटक में गधे की, असम और महाराष्ट्र में मेंढक की शादी कराने की प्रथा आज भी प्रचलित है।

9 व्यक्ति का शव जलने के बाद बचे हुए भाग को भारत के अघोरी साधू (बनारस के) खाते में दे दिया जाता है। उनका मानना है कि इस तरह वह गंदे लोगों में शुद्धता खोजने का प्रयास करते हैं।

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