अजब गजब

इस किले में गड़ा है करोड़ों का सोना, लोग आज भी सोना खोजने यहाँ आते हैं

इस किले के अन्दर भरा है सोना,आप भी पा सकते है इसे
प्राचीन काल में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था,आज भी भारत में ऐसी कई जगह जहां सोना छुपा होने की बात कही जाती है। ऐसा ही एक जबलपुर का किला है। जहां माना जाता है कि इस किले में सोने की ईंटें दबी हैं। जिसे पाने के लिए आज भी लोग किले के भीतर भटकते रहते हैं। लेकिन यह कह पाना मुश्किल है कि इस किले से किसी को सोने की ईटें मिली है या नहीं

इसी किले को लेकर ऐसी मान्यता है कि सोने की ईंटों की रक्षा के लिए यहां भूतों का साया हमेशा किले के आसपास मंडराता रहता है। अगर कोई ईंटों तक पहुंच भी गया तो ये साये उन्हें ईंटे ले नहीं जाने देते हैं। वही कुछ लोग यह भी कहते है की आधी रात के बाद से किले के भीतर से डरावनी आवाजें आती हैं। जिसके चलते रात के वक्त किले के भीतर जाने की कभी किसी की हिम्मत नहीं होती।

इस किले की तहर इसका इतिहास भी कम रोमांचक नहीं है। यह किला किस वॉच टावर जैसा बना है। जिसकी  नक्कासी काफी खूबसूरत है। इतिहासकारों का मानना है किले के अन्दर गुप्त सुरंग है जो सीधे मंडला में मिलता है। अब यह सुरंगे बंद हो चुकी है। इस सुरंग पर अभी ज्यादा रिसर्च नहीं हो सका है।
मानना जाता है कि रानी दुर्गावती इस किले से शहर पर नजर रखती थीं। कहा जाता है  वो पत्थर अब भी वहां मौजूद है जिसपर दुर्गावती घोड़े पर बैठकर किले के नीचे छलांग लगाती थीं और युद्धा का अभ्यास करती थीं।

मदनमहल किला पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है। जबलपुर स्टेशन 5 किलोमीटर की दूरी पर ये किलाहै। स्टेशन से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर मदन महल पहाड़ दिखेगा। जहां ये किला है। इस किले को मदन महल के नाम से पुकारते है। इस किले के चारो तरफ की हरियाली आपका मन मोह लेगी।

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