धार्मिक

इस भिखारी ने मंदिर में दान किये 8 लाख रूपए

दान धर्म करना बहुत ही अच्छी बात है, हालाँकि आज-कल के समय में बहुत काम लोग ही ऐसे है जो दान करते है| दरसल हमारे धर्म में ऐसा माना जाता है की जो लोग भी श्रद्धा-भाव से मन्दिरों में दान करते है, भगवान् उनकी सारी मनोकामनायें पूरी कर देते है, और ज़िन्दगी से सारे दुःख समाप्त कर देते है| लेकिन अब के लोग ऐसा नहीं सोंचते, खासकर जब बात पैसो की होती है तो वो पीछे हट जाते है| चाहे उनकी कमाई कितनी भी क्यों न हो पर वो उसमें से एक भी रूपया किसी को देना नहीं चाहते| आज हम आपको ऐसे ही एक भिखारी के बारे में बताने जा रहे है जिसने अपनी एक-एक कौड़ी जोड़कर सांई बाबा के मंदिर में 8 लाख रुपयों का दान किया है| हालाँकि 8 लाख रुपये कोई छोटी रकम नहीं होती है| तो अब आप ये सोंच रहे होंगे की आखिर एक भिखारी के पास 8 लाख रूपए आये कहाँ से? आइये जानते है की आखिर ये पूरा मामला क्या है|


दरसल ये पूरा मामला आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा गाँव का बताया जा रहा है| जहाँ यादी रेड्डी नाम के एक 73 साल के बुज़ुर्ग भिखारी ने गाँव में ही स्थित सांई बाबा के मंदिर में पूरे 8 लाख रूपए दान किये हैं| इस दान के बारे में सुनकर वहां के सभी लोग चौक गए| सब सोंच में पड़ गए की आखिर एक भिखारी के पास इतने पैसे कहाँ से आये? गौरतलब है की यादी इन पैसों को लगभग 7 सालो से इकठ्ठा कर रहा था| और उसने इन पैसों को धीरे-धीरे करके मंदिर में दान किये हैं, जो की अब पूरे 8 लाख रूपए हो गए हैं| मंदिर के सभी लोग और पुजारी यादी के इस नेक काम से बेहद खुश हैं| दरसल ये बुज़ुर्ग भिखारी इसी मंदिर के बहार रातों-दिन बैठ कर भीख मांगता था| यादी का कहना है की जो भी वो यहाँ से भीख मांगकर कमाते हैं ये सब भगवान् का ही दिया हुआ है| इसीलिए उन्होंने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सां भगवान् को अर्पण कर दिया| 

हम आपको बता दे की इस बारे में यादी का कहना है की जबसे उन्होंने मंदिर में पैसे दान किये हैं तबसे उसकी कमाई में भी इज़ाफ़ा हुआ है| और ऐसा नेक काम करके वो काफी खुश भी नज़र आ रहे हैं| वो बताते हैं की उन्होंने करीब 40 सालों तक रिक्शा चला कर अपना घर चलाया है| हालाँकि इसके बाद उन्हें घुटनो के दर्द ने कमज़ोर कर दिया और फिर वो मंदिर के बहार बैठकर भीख मांगने लग| उन्होंने सबसे पहले मंदिर में 1 लाख रूपए दान किये थे जिसके बाद बायकी के पैसे दान किये, पर वो अभी भी केवल 8 लाख पर रुकना नहीं चाहते हैं बल्कि अपनी साड़ी कमाई मंदिर में दान करना चाहते हैं| लोग उनके इस काम की सराहना करते नहीं थक रहे और उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा पैसे भीख में देने लगे हैं| 

सोशल मीडिया पर भी इस बुज़ुर्ग भिखारी के दान की चर्चा हो रही है| लोगों का कहना है की ये बड़े दिलवाला भिखारी है क्योंकि आज के समय में शायद कोई भी ये काम न करे जो की एक भिखारी ने कर दिखाया| यादी के दान किये इन पैसों की सहायता से वहां एक गौशाला का निर्माण होगा, केवल इतना ही नहीं बल्कि मंदिर से सम्बंधित और भी कई काम करवाएं जायेंगे|  

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