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सावधान: आपके बैंक का खाता खाली कर देगा यह एप, अभी हटा दें अपने फ़ोन से

Whatsapp और FB को भी कर लेगा हैक 

फ्री एप डाउनलोड कर रुपयो की लालच देने वाले नोटिफिकेशन से सावधान रहे ये एप आपको लाखो का चूना लगा सकते है। दरअसल इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से  से हैकर्स के पास आपके मोबाइल फोन का पूरा डाटा चला जाता है और वे आसानी से आपके फेसबुक व वाट्सएप अकाउंट को हैक करने के साथ ही आपके बैंक खाते को भी खाली कर देते है। पिछले एक महीने में फेसबुक आइडी हैक करने के 10 मामले पुलिस के पास आ चुके हैं, यहां तक की 52 एसडीएम भी अकाउंट हैकिंग का शिकार हो चुके हैं। दो दिन पहले जनसंपर्क विभाग के पूर्व सहायक निदेशक सतीश जोशी के खाते से इसी तरह 80 हजार रुपये निकाल लिए गए।

हैरान करने वाले इन मामलों की जांच में पता चला कि लोगों के मोबाइल से उनके डाटा चोरी करके इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। यह जाल बिहार व झारखंड राज्यों से चल रहा है। हैकर्स का सबसे बड़ा हथियार फ्री व फर्जी एप है। हैकर्स मोबाइल पर फ्री व फर्जी एप का जाल फेंकते हैं तथा ईनाम का लालच देते हैं। जैसे ही यूजर फ्री एप को डाउनलोड करता है तो उनके मोबाइल का पूरा डाटा हैकर्स कॉपी कर लेते हैं। ज्यादातर लोगों के मोबाइल में ही उनके एटीएम पासवर्ड, अकाउंट नंबर व अन्य जानकारियां होती हैं। इसके अतिरिक्त मोबाइल पर लोन संबंधी मैसेज भी आते रहते हैं। यहीं से डाटा चोरी करके हैकर्स ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं।

एसबीआई बैंक की ओर से ऑनलाइन बैंकिंग के लिए योनो एप गत वर्ष लांच की गई थी। हैरान करने वाली बात यह है कि साइबर हैकर्स ने इस योनो एप का भी फर्जी वर्जन निकाल दिया है। इन दोनों में बड़ा फर्क यह है कि असली योनो एप अधिक गिगाबाइट (जीबी) की है जबकि नकली योनो एप कम गिगाबाइट (जीबी) की है। साइबर एक्सपर्ट सुधीर कुमार की मानें तो हैकर्स इसलिए पकड़ में नहीं आ पाते क्योंकि जिस अकाउंट में वे पैसे ट्रांसफर करते हैं वह भी फर्जी आइडी से खुला हुआ होता है। हैकर्स किसी दूसरे की आइडी से अकाउंट खुलवाते हैं और उसमें पैसे ट्रांसफर करते हैं तुरंत वहां से पैसे निकलवा लेते हैं। यह खेल बिहार व झारखंड से हो रहा तथा झारखंड के तो कई बड़े गांव इसी काम में जुटे हैं।

सुधीर कुमार की मानें तो इस तरह की ठगी से बचने के लिए आवश्यक है कि हम खुद जागरूक हों। अगर इस तरह से ठगी होती है तो 24 घंटे के अंदर-अंदर हमें साइबर पुलिस, बैंक आदि को सूचना दे देनी चाहिए। इससे ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर होने से रोका जा सकता है।
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