खेल

रोज रोज नही पैदा होते माही जैसा खिलाड़ी-गांगुली

धोनी धोनी नारों के बीच खेल पंत को खुद को साबित करना होगा
बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में ऋषभ पंत के बेहतर प्रदर्शन न करने पर दर्शक धोनी धोनी के नारे लगते है। इन नारों को नज़रंदाज़ कर बेहतर प्रदर्शन कर जनता के दिल जीत पाना कोहली के लिए एक बड़ी चुनौती है। हालांकि कप्तान विराट कोहली और उप कप्तान रोहित शर्मा ने इस पर उनका बचाव करने की कोशिश की। लेकिन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली का मानना है कि युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को मैदान पर धोनी-धोनी सुनने की आदत डालकर भारत के लिए खेलने के दबाव से निपटने का अपना तरीका खुद तलाशना होगा। सीमित ओवरों के प्रारूप में पिछले कुछ अर्से से लगातार खराब प्रदर्शन के कारण 22 साल के पंत आलोचना के घेरे में हैं।
हालांकि कोहली ने गुरुवार को कहा था कि पंत को इस कदर अलग थलग नहीं करना चाहिए कि वह मैदान पर उतरते ही नर्वस होने लगें। उन्होंने हाल ही में घरेलू सीरीज में पंत के मैदान पर गलतियां करने पर धोनी के नाम के नारे लगाने के प्रशंसकों के कदम को अपमानजनक बताया। गांगुली ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहा कि पंत के लिए यह अच्छा है। उन्हें इसकी आदत डाल लेनी चाहिए। उन्हें यह सुनने दीजिए और इससे निपटने का तरीका तलाशने दीजिए। उन्हें खुद इस दबाव से निकलने का रास्ता बनाना होगा।
गांगुली ने धोनी के भविष्य को लेकर बीसीसीआई की योजना का खुलासा करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पंत को अगला धोनी बनने के लिए अगले 15 साल लगातार अच्छा खेलना होगा। उन्होंने कहा कि धोनी जैसे खिलाड़ी रोज पैदा नहीं होते। पंत को वह हासिल करने में 15 साल लगेंगे, जो धोनी ने हासिल किया है। गांगुली ने कहा कि धोनी ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो कुछ किया है, बीसीसीआई उन्हें कितना भी धन्यवाद दे वह कम होगा। हम विराट कोहली और चयनकर्ताओं से बात कर रहे हैं। धोनी के भविष्य पर समय आने पर बात करेंगे।
विराट ने पंत का समर्थन करते हुए कहा था कि मैं इस बात से सहमत हूं कि अच्छा प्रदर्शन और कड़ी मेहनत करना खिलाड़ी की जिम्मेदारी है, लेकिन उसके लिए भरपूर मौका और समय देना सबकी जिम्मेदारी है। मौका भुना न पाने पर खिलाड़ियों पर चिल्लाना सही नहीं है। यह सम्मानजनक नहीं है क्योंकि कोई भी खिलाड़ी खराब करना नहीं चाहता। वह अच्छा खेल सके इसके लिए उसे समर्थन की जरूरत है।
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