फैशन

बॉलीवुड की हर पार्टी और वेडिंग की शान सब्यसाची ने की थी खुदकुशी की कोशिश

लोगों को खूबसूरती की परिभाषा समझाने वाले सब्यसाची को कभी नहीं था खूबसूरती से लगाव, हुए थे डिप्रेशन के शिकार

बॉलीवुड के किसी पार्टी या वेडिंग की बात हो और सब्यसाची का नाम न आए ऐसा तो हो ही नहीं सकता। सब्यसाची के डिजाइनर ड्रेसेज सेलिब्रिटीज की खूबसूरती और पार्टी की खूबसूरती में चार चांद लगा देते है। कभी-कभी आपको लगता होगा खूबसूरती को इतने करीब से देखने और परखने वाले की जिन्दगी में आंखो में खूबसूरती ही खूबसूरती भरी होगी। लेकिन ऐसा नहीं है असल में बॉलीवुड को खूबसूरती की परिभाषा समझाने और खूबसूरती की समझ रखने वाले को खूबसूरती से काई लगाव ही नहीं था, तभी तो एक वक्त ऐसा आया जब डिप्रेशन में आए सब्यसाची मुखर्जी ने खुदकुशी करने की कोशिश की हालाकि वह इस काम में नकाम रहे। तो आइए बताते है आपको सब्यसाची के जिन्दगी के कुछ पहलू के बारे में जिसके बारे में आप शायद अंजान है।

सब्यसाची बहुत निजी शख्स  हैं और अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में कम ही बोलते हैं। लेकिन हाल में मुंबई में एक फैशन शो के दौरान उन्होने बताया कि   ‘मैं 17 साल का था जब डिप्रेशन में चला गया था, मैंने खुदकुशी करने की कोशिश भी की थी। लेकिन नाकाम रहा।’ जब वह टीनएजर में डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। तो वह कहते हैं, ‘मैंने अपनी उग्र कपड़ों की पसंद में उससे बचने का रास्ता निकाल लिया था। मुझे बुली किया जाता था, मजाक बनाया जाता था, पर उससे ही मुझे मेरा रास्ता चुनने में मदद मिली थी।’

सब्यसाची बताते हैं, ‘मुझे लगता है कि बहुत सारे क्रिएटिव लोग खुद को एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं। मैं क्रिएटिव था लेकिन पढ़ाई की गलत धारा में था। मैंने मेडिसन की पढ़ाई की, फिर इकोनॉमिक्स और मुझे पता नहीं था कि मुझे करना क्या है।’ वह कहते हैं कि जब मैं उग्र कपड़े पहनने लगा तो अपना रास्ता मिला। ‘सेल्फ-एक्सप्रेशन से मुझे अपने अंदर के फ्रस्ट्रेशन से निपटने में मदद मिली। मैं अपने बाल रंगने लगा, जैसे नांरगी रंग के, जींस फटी हुई पहनने लगा जिसमें सेफ्टी पिन लगी होती थीं। यह मैडोना से प्रेरित था।’

सब्यसाची मानते हैं कि तब खुदकुशी से रोकने वाला सपॉर्ट सिस्टम नहीं था। वह कहते हैं, ‘अकेलेपन की वजह से आपको लगता है कि शायद मैं अकेला हूं जो इससे गुजर रहा हूं लेकिन जब आप उस कम्युनिटी तक पहुंचते हैं तो पता चलता है कि आप अकेले नहीं हैं। मुझे लगता है कि अब मेंटल हेल्थ को लेकर बहुत बातचीत हो रही है। हर कोई ऐसी कम्युनिटी खोज सकता है कई बार ऑफलाइन तो कुछ ऑनलाइन हैं।’

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