सेलिब्रिटी

24 साल की उम्र डायरेक्टर बने राजकपूर, आज भी सबसे युवा डायरेक्टर में शामिल

बॉलीवुड इंडस्ट्री के शो मैन कहे जाने वाले एक्टर, डायरेक्टर राजकपूर साहब आज भले ही इस दुनियां में न हो लेकिन बॉलीवुड इंडस्ट्री का हिस्सा हमेशा रहेगे। उनके बॉलीवुड में उनके अविस्मरीणीय काम के लिए उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वह एक्टर नहीं बनना चाहते थे वह एक म्यूजिक डायरेक्टर बनना चाहते थे लेकिन अपनी लगन और मेहनत के दम पर वह सबकुछ बन गए। उन्होने अपनी फिल्मों में नई नई एक्ट्रेस को खूब मौका देकर उन्हें आसमान की बुलंदी पर पहुंचाया। उनके साथ कई नई एक्ट्रेस ने काम किया और उनमें से एक है। रुसी हीरोइनसेनिया रेबेंकीना उनके जन्मदिन पर उन्होने कुछ बात मीडिया से सांझा की।


उन्होने बताया इस फिल्म में उनका ज्यादा बड़ा रोल नहीं था लेकिन वो इस अनुभव को यादगार मानती हैं। वो कहती हैं, सेट पर राज कपूर सबका बड़ा ध्यान रखते थे। उनके सेट पर चाहे बड़ा कलाकार हो या कोई जूनियर। सबको एक सा ट्रीटमेंट मिलता था लेकिन एक बार कैमरा चालू हो जाने पर वो बड़े कठोर हो जाते और जब तक कोई बेस्ट शॉट ना दे दे, संतुष्ट नहीं होते थे। सेनिया बताती हैं कि रूस में अब के युवा जरूर हॉलीवुड फिल्में ही ज्यादा देखते हैं लेकिन 60 और 70 के दशक में राज कपूर रूस में एक बहुत बड़ा नाम थे और उनकी फिल्में वहां बहुत हिट होती थीं।

सेनिया ‘मेरा नाम जोकर’ की शूटिंग के बाद रूस तो चली गईं और बैले डांसिग में अपने करियर को जारी रखा। वो राज कपूर और उनके परिवार के संपर्क में भी रहीं। वो बताती हैं कि जब भी वो भारत आतीं तो राज कपूर के परिवार से जरूर मिलतीं हैं।

वो कपूर परिवार की मेजबानी की बहुत तारीफ करती हैं। साल 1988 में जब राज कपूर की मौत का समाचार उन्हें मिला तो उन्हें बड़ा धक्का लगा था। सेनिया बताती हैं कि राज कपूर की मौत के बाद भी वो कई फिल्म समारोहों में हिस्सा लेने जब भी भारत आतीं तो राज कपूर के बेटों रणधीर, ऋषि और राजीव कपूर से उनकी मुलाकात होती। ‘मेरा नाम जोकर’ के 39 सालों बाद साल 2009 में उनके बेटे ऋषि कपूर की फिल्म ‘चिंटू जी’ में सेनिया रेबेंकीना ने एक छोटी सी भूमिका अदा की थी।

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