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जहां प्रियंका रेड्डी का हुआ था रेप, वहीं मुजरिमों को पुलिस ने मारी गोली

प्रियंका रेड्डी केस क्लोज़, पुलिस एनकाउंटर में मारे गए चारों आरोपी
चारों तरफ हैदराबाद पुलिस के लग रहे है नारे, सोशल मीडिया पर छाई हैदराबाद पुलिस

प्रियंका रेड्डी महज़ एक नाम नही बल्कि वो  26 वर्षीय महिला जिसने वो दर्द सहा जिसके बारे में सोचकर आम इंसान की रूह कांप जाये। कुछ हैवानों ने उसके साथ दरन्दगी की सारी हदें पार कर उसे ऐसी भयानक मौत दी जिसे देखकर लोगों की रुह कांप गई। आज सुबह पुलिस ने इस भयावह मौत का बदला लेते हुए एनकाउंटर कर मार गिराया। जिससे सोशल मीडिया पर चारों तरफ हैदराबाद पुलिस की तारीफ हो रही है।

क्या था मामला

शमशाबाद के गाचीबोवली इलाके की रहने वाली पशु चिकित्सक बुधवार को कोल्लुरु स्थित पशु चिकित्सालय गई थीं। उन्होंने अपनी स्कूटी को शादनगर के टोल प्लाजा के पास पार्क कर दी थी। रात में जब वह लौटीं तो उन्हें स्कूटी पंक्चर मिली। इस पर उन्होंने अपनी बहन को फोन किया और बताया कि मुझे डर लग रहा है। उनकी बात सुनकर बहन ने टोल प्लाजा जाने और कैब से आने की बात कही। वहीं पीड़िता ने बहन से यह भी कहा कि कुछ लोगों ने उसे मदद की पेशकश की है और थोड़ी देर बाद कॉल करने की बात कही। हालांकि इसके बाद से ही पीड़िता का मोबाइल फोन बंद हो गया।

परिजनों ने शादनगर टोल प्लाजा के आसपास पीड़िता की खोजबीन की, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। अगली सुबह शादनगर के अंडरपास के पास उसकी जली हुई लाश मिली। जिसने सोशल मीडिया पर आग लगा दी चारों तरफ से आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की जा रही थी। आज सुबह हैदराबाद पुलिस ने मामले को खत्म करते हुए चारो आरोपियों को मार गिराया।

चारो आरोपी शुक्रवार सुबह पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। इस एनकाउंटर ने सबको हैरत में डाल दिया है। चारों आरोपी पुलिस रिमांड में थे और उन्हें गुरुवार देर रात नेशनल हाइवे-44 पर क्राइम सीन पर ले जाया गया था। जहां वह चारों आरोपी ने भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्हें एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के एनकाउंटर करने के बाद सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक हैदराबाद-तेलंगाना पुलिस की वाहवाही हो रही है। कहीं पुलिस पर फूल बरसाएं जा रहे हैं, तो कहीं मिठाई खिलाए जा रहे हैं तो कहीं पुलिस के जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं।

चारों आरोपियों में मुख्य आरोपी का नाम मोहम्‍मद आरिफ है। 26 वर्षीय मुख्य आरोपी मोहम्‍मद आरिफ एक लॉरी ( ट्रक जैसी गाड़ी) चालक था। शिवा (20), एक ट्रक में ड्राइवर और क्लीनर के रूप में काम करता था, जबकि चिंताकुंता  (20)  और नवीन (20) दूसरे ट्रक में काम करते थे। आरोपियों के परिजनों ने भी मांग की थी कि उनके बेटे को सख्त से सख्त सजा दी जाए। एक आरोपी की मां ने तो अपने बेटे को फांसी देने की मांग की थी।
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