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Nirbhaya Case: इस बार होगी निर्भया कांड के आरोपियों को फांसी, शुरू हुई तैयारी

निर्भया के दोषियों के लिए यू तो फांसी के लिए तारीख पर तारीख मिलती जा रही है लेकिन अब वह दिन भी दूर नहीं है जब निर्भया के अपराधियों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी। तिहाड़ जेल में वैसे तो तैयारी काफी समय से इनकी फांसी की चल रही है लेकिन अब यह तैयारियां तेज हो गई है। इन दोषियों को 1 फरवरी 2020, को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। इस दिन के इंतजार में निर्भया के परिवार ने आठ साल तक की लम्बी लड़ाई है। आखिर इतने सालो के बाद अब निर्भया को इंसाफ मिलने की उम्मीद नज़र आ रही है। इससे पहले 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी। लेकिन गुनहगारों के कुछ मामले लंबित होने के चलते नया डेथ वारंट जारी कर दिया गया। जेल प्रशासन ने दोषियों से उनकी आखिरी इच्छा भी पूछी है। जाने आखिरी इच्छा पूछे जाने पर इन दोषियों का क्या रहा रियेक्शन…

खबर है कि तिहाड़ प्रशासन ने चारों गुनहगारों को नोटिस देकर उनकी आखिरी इच्छा पूछी है। उन्होंने पूछा है कि एक फरवरी को होने वाली फांसी से पहले वह आखिरी बार किससे मिलना चाहते हैं? वहीं इन अपराधियों से ये भी पूछा गया है कि अगर उनके नाम कोई जमीन जायदाद है तो वह इसको किसके नाम करना चाहते है।? या फिर उन्हें किसी धार्मिक किताब को पढ़ना हो या फिर किसी धर्मगुरु से मिलने की इच्छा हो तो जेल प्रशासन इसमें उनकी मदद कर सकता है। हालांकि आरोपियों ने इसके जवाब में क्या कहा इसका अभी तक पता नहीं चल सका है।

जेल से खबर मिली है कि फांसी से पहले यह चारों बेचैन हैं और फांसी के डर से इनमें से एक विनय खाना नहीं खा रहा। हालांकि दो दिन तक खाना नहीं खाने के बाद जब उसे बुधवार को बार-बार खाना दिया गया तो उसने थोड़ा सा खाना खा लिया। वहीं फांसी की तारीख नजदीक आने पर भी मुकेश और अक्षय पर कोई असर नहीं है।


यह दोनों को न तो खाना छोड़ते न ही कम करते है। वहीं पवन की खुराक कुछ कम जरूर हो गई है। चारों में से मुकेश अपने सभी कानूनी विकल्प इस्तेमाल कर चुका है और उसकी दया याचिका भी खारिज हो चुकी है। वहीं विनय के पास दया याचिका का रास्ता बचा है तो अक्षय और पवन ने तो अब तक क्यूरेटिव पिटीशन भी नहीं डाली है।

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