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इस नदी से निकल रहा है सोना, डेली लोग बन रहे हैं करोड़पति

इस नदी में कोई डाल जाता है सोना लेकिन कौन यह अभी तक रहस्य
भारत को पहले सोने की चिड़िया कहा आ जाता था, और आज भी भारत में सोने की कमी नहीं है। भारत के झारखंड में एक ऐसी नदी बहती है जो आपको मालामाल कर सकती है। इस नदी को भारत के सोने की खान कहा जाता है।

सोने की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। हर वह इंसान अमीर की श्रेणी में आता है जिसके पास सोना भरा हो। भारत में यह नदी भी सोना उगलती है।  झारखंड की राजधानी रांची से करीब 15 किलोमीटर दूर रत्नगर्भा में बहने वाली स्वर्ण रेखा नदी कोई आम नदी नही है।

इस नदी में सोने का भंडार समाया हुआ है जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते। यहां रहने वाले आदिवासी लोग इस नदी के सोने को बेचकर मालामाल हो रहे है। यह तल को आदिवासी इस नदी के तल को छान कर इसके सोने के कणों को इकट्ठा करते हैं और सोने का व्यापार करने वालो को बेच देते हैं। हालाकि इस नदी पर बहुत सारी मंशीने लगाकर रिर्सच की जा चुकी है। लेकिन यह कण कहां से आते है कौन डाल जाता है यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है।

इस जानवर ने बनाया मालामाल, आप भी पालकर कमा सकते है पैसा
छह साल बाद गुफा से निकला जानवर तो मालिक ने कमाया ढेर सारा पैसा
बचपन में अक्सर जब भी हमारे बाल कतरे जाते थे, तो हम रोने लगते थे, या फिर कहीं छुप जाते थे। लेकिन आखिरकार हमें पकड़ ही लिया जाता है और अन्त में हमारे बाल कट ही जाते है हालाकि बड़े होने के बाद बाल कटाना हमारे फैशन का एक हिस्सा बन जाता है और हम तरह तरह के बाल कटावाते है लेकिन इन दिनों एक जानवर काफी चर्चा में जो अपने बाल कतरने के डर से एक गुफा में जाकर छुप गया। और जब छह साल बाद गुफा से बाहर आया तो लोग हैरान हो गए।

जी हां यह बात 1997 है जब एक भेंड़ अपने ऊन कतरने से बचने के लिए एक गुफा में जाकर छिप गई थी, उस टाइम वह भेड़ काफी चर्चा में रही अब 6 साल तक रहने के बाद वह गुफा के बाहर आ गई तो लोग हैरान रह गए। जब वह भेंड़ का बाहर आई और लोगो को पता चला तो भेंड़ के शरीर पर इतने ऊन जमा हो गए थे की उस ऊन से लगभग 20 सूट बन सकते थे। उसके शरीर पर 60 पाउंड तक ऊन जमा हो गए थे।

ये भेड़ अपने ऊन के बचाव के लिए ही छः साल तक गुफा के अंदर रही। लोगो का कहना है कि वह गुफा से बाहर तब आई जब उसे वहां तकलीफे होने लगी, उसे एहसास होने लगा होगा की वहां उसकी तबीयत खराब होने वाली होगी। उस गुफा में गर्मी और तमाम तरह की परेशानियां आई होगी तब जाकर वह भेंड़ गुफा के बाहर आया। इस भेंड़ की इतनी चर्चा हुई की ये भेड़ खास हो गई। और तभी से इसका नाम ‘क्षेक’ रखा गया। क्षेक एक मूवी का किरदार है जो की एनिमेटेड मूवी थी। उस भेड़ की मृत्यू 17 साल की उम्र में बीमारी से हो गई। क्षेक के मरने का शोक पुरे देश में मनाया था।

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