अजब गजब

सास के साथ सोती थी बहू, शक्की ससुर ने कर दिया कांड

शक किसी भी अच्छे भले परिवार को बिगाड़ सकता है और किसी का भी दिमाग खराब कर सकता है। ऐसा ही दिल्ली के विजय विहार में शुक्रवार को हुआ जहां सुबह करीब 5.10 बजे बुजुर्ग ने अवैध संबंध के शक में अपनी पत्नी और बहू की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मृतकों में 62 वर्षीय स्नेहलता चौधरी और 35 वर्षीय एयरहोस्टेस प्रज्ञा चौधरी शामिल हैं। 64 वर्षीय आरोपी सतीश चौधरी ने स्नेहलता और प्रज्ञा पर चाकू से सात वार किए और बाद में उनका गला रेत कर हत्या कर दी। आरोपी के बेटे सौरव चौधरी ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी को घर से ही गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी सतीश ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी पत्नी और बहू एक ही कमरे में सोती थीं। उसे शक था कि दोनों के किसी के साथ अवैध संबंध हैं। दोनों दिल्ली से घर शिफ्ट कर शुक्रवार को ही गुरुग्राम जाने वाले थे, जिसके चलते वह परेशान था। उसे लगता था कि गुरुग्राम में वह उन पर नजर नहीं रख सकेगा और दोनों अपनी मनमानी करेंगी, जिससे उसकी बेइज्जती होगी।

पुलिस उपायुक्त एसडी मिश्रा ने बताया कि सतीश चौधरी बी-6 रोहिणी सेक्टर-4 में रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी स्नेहलता चौधरी, दो बेटे गौरव व सौरव, गौरव की पत्नी प्रज्ञा और दो बच्चे शामिल हैं। स्नेहलता डीडीए से सेवानिवृत्त थीं। गौरव सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और सिंगापुर में रहता है। सौरव बेंगलुरू में रहता है। वह 2 दिसंबर से दिल्ली आया हुआ था। प्रज्ञा इंडिगो एयरलाइंस में एयरहोस्टेस थी।
शुक्रवार सुबह पुलिस को सौरव ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने घायल हालत में प्रज्ञा और स्नेहलता को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्रज्ञा को मृत घोषित कर दिया, जबकि स्नेहलता की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपने ही घर में परिवार से दूरी बनाकर रहता था।
पुलिस को सौरव ने बताया कि वह ड्राइंग रूम में सो रहा था। मां की चीख सुनकर उसकी नींद खुली। उसके कमरे का गेट बाहर से बंद था। मां ने किसी तरह गेट खोला और चिल्लाने लगी कि प्रज्ञा को बचा लो। मां के हाथ में उसका एक वर्षीय भतीजा भी था, जो खून से लथपथ था। उसने पहले दोनों बच्चों को पड़ोसी को दिया और फिर पिता को काबू किया। इस दौरान सौरव के हाथ में चाकू से चोट लग गई। इसके बावजूद उसने अपने पिता को धक्का देकर काबू कर लिया।
शुक्रवार सुबह जब सास-बहू सोई हुई थीं तो आरोपी ने अपने बेटे के कमरे का गेट बाहर से बंद कर दिया। उसके बाद वह प्रज्ञा के कमरे में पहुंचा। आरोपी ने प्रज्ञा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। बीच-बचाव के लिए आई स्नेहलता को भी उसने चाकू से गोद दिया। शोर सुनकर सौरव उठा और गेट पीटने लगा। स्नेहलता ने घायल अवस्था में बेटे के कमरे का गेट खोला तो सौरव ने पिता को पकड़ लिया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।
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