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फास्टैग अनिर्वाय: टोल पलाजा पर लम्बी लाइनो से मिलेगी निजात, जानिए सारे सवालों के जवाब

भारत से पहले यूरोप और अमेरिका में हो रहा इस तकनीक इस्तेमाल

अगामी 1 दिसम्बर से नेशनल हावे से गुजरने वाली सभी गाड़ियो में केन्द्र सरकार ने फास्टैग अनिर्वाय कर दिया है। । इससे यात्रियो को टोल प्लाजा पर लगने वाली लम्बी लम्बी गाड़ी की लाइनो से निजात मिल जाएंगी। फास्टैग के इस्तेमाल से वाहनों के चलने से होने वाले प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी।

यह इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक (Electronic Toll Collection)  रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (RFID) के प्रिंसिपल पर काम करेगा। इस टैग को वाहन के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है ताकि टोल प्लाजा पर मौजूद सेंसर इसे रीड कर सके। जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरती है तो ऑटोमैटिक रूप से टोल चार्ज कट जाता है।  इसके लिए वाहनों को रुकना पड़ेगा। एक बार जारी किया गया फास्टैग 5 साल के लिए एक्टिवेट रहेगा बए इसे समय पर रिचार्ज पड़ेगा। ऐसे में आप सोच रहे होगे कि फास्टैग को कैसे खरीदना होगा। किस किस डॉक्यूमेंट्स की जरुरत पड़ेगी। तो यह सारी बाते हम आपको बताने वाले है इस आर्टिकल में।

फास्टैग खरीदना बड़ा ही आसान है। नई गाड़ी खरीदते समय ही डीलर से आप फास्टैग करा सकते हैं। वहीं, पुरानी गाडियों के लिए इसे नेशनल हाईवे के प्वाइंट ऑफ सेल से खरीदा जाएगा। इसके अलावा फास्टैग को प्राइवेट सेक्टर के बैंकों से भी खरीद सकते हैं। इनका टाईअप नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से होता है। इनमें सिंडिकेट बैंक, Axis बैंक, IDFC बैंक, HDFC बैंक, SBI बैंक, और ICICI बैंक से ले सकते है। आप चाहें तो Paytm से भी फास्टैग खरीद सकते हैं।
इसके लिए आपको  कुछ डॉक्युमेंट्स देने होंगे।  इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी, वाहन मालिक का पासपोर्ट साइज फोटो और केवाईसी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड या आधार कार्ड शामिल है। डॉक्युमेंट्स की जरूरतें इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपका वाहन प्राइवेट या कमर्शियल है।

भारत से यूरोप, अमेरिका समेत कई देशों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। फास्टैग से जुड़ी कई दिक्कतें जैसे फास्टैग का ठीक से स्कैन ना होना, फास्ट टैग का डैमेज या टूटने पर या फिर अकाउंट में पैसा होने पर टोल नहीं दे पाने जैसी दिक्कतों को आप एक फोन कॉल के जरिये सुलझा सकते हैं। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी के नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करके, या फिर हाईवे ऑथोरिटी की वेबसाइट www.ihmcl.com या MyFastTag मोबाइल ऐप के जरिये फास्टैग से जुड़ी दिक़्क़तों को दूर कर सकते हैं।

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