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DSP दविंदर सिंह से वापस लिया गया ‘शेर-ए-कश्मीर’ खिताब, जाने क्यो छीना गया पदक

आंतकवादियों से संबंध रखने और आंतकियों के साथ गिरफ्तार हुए डीएसपी दविंदर सिंह को उनकी काबलियत के लिए दिया जाने वाला ‘शेर-ए-कश्मीर’ खिताब वापस ले लिया गया है। इसके लिए सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि È200Þ संसद पर हमले के ¸मास्टरमाइंड अफजल गुरु ने अपने वकील को एक चिट्ठी में भी लिखा था कि दविंदर सिंह उन्हें गिरफ्तार कर बड़ी यातनाएं दी है जबकी उसके कहने पर मैने मोहम्मद को दिल्ली पहुंचाया था। मोहम्मद नाम के इस शख्स भी संसद पर हमले में शामिल आंतकियों में से एक था।

दविंदर सिंह 57 साल के है और  जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में अपने परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटे के साथ रहते है। 1990 में वह जम्मू-कश्मीर में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर शामिल किए गए और पुलिस में भर्ती होने के महज 6 साल के अंदर ही उन्हें आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में शामिल कर लिया गया था।

दविंदर ने लगभग14 साल तक एसओजी में काम किया और इस दौरान उन्होंने कई ऑपरेशंस में  भी हिस्सा लिया। 1997 में उनका प्रोमोशन कर सरकार ने उन्हें  इंस्पेक्टर बना दिया। वहीं 2018 आंतकियों के खिलाफ संख्त कार्यवाही करने के लिए  दविंदर को ‘शेर-ए-कश्मीर गैलेंट्री’ अवॉर्ड से नवाजा गया।  इससे पहले भी दविंदर पर कई बार गैरकानूनी काम करने के आरोप लगे लेकिन   लेकिन हर बार आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के रिकॉर्ड ने उन्हें बचा लिया।

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