खेल

डोपिंग मामले को लेकर इस देश पर लगा ओलंपिक में 4 साल का बैन

किसी भी बड़े खेल में नहीं होगा इस देश का झण्डा और राष्ट्रगान

वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) ने  डोपिंग मामले में लिप्त देश पर बड़ी कार्यवाही करते हुए 4 साल के लिए इस देश के खिलाड़ियों पर का बैन लगा दिया है। अब इस देश का झंडा, राष्ट्रगीत और टीम का नाम ओलंपिक का चार साल तक हिस्सा नहीं रहेगी। ओलंपिक के किसी भी इवेंट में इस देश की हिस्सेदारी 4 साल तक नहीं हो सकेगी। इस देश के खिलाफ WADA ने यह कार्रवाई लगातार डोपिंग के कई मामले सामने आने के बाद की है।

दरअसल रुस के खिलाफ लगातार डोपिंग के मामले सामने आ रहे थे इस पर बड़ी कार्यवाही करते हुए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने रूस को सभी बड़े खेल आयोजनों में हिस्सा लेने से चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। जिसमें अगले साल जापान की राजधानी में होने वाले टोक्यो ओलम्पिक-2020 और कतर में होने वाला फीफा विश्व कप-2022 शामिल हैं। इस फैसले के बाद से रूस का झंडा और राष्ट्रगान किसी भी बड़े खेल आयोजनों में नहीं होगा. हालांकि जो खिलाड़ी यह साबित करने में सफल रहेंगे कि वह डोपिंग में शामिल नहीं हैं वे तटस्थ झंडे तले खेलों में हिस्सा ले सकेंगे.


यह फैसला रूस की डोपिंग रोधी एजेंसी (रुसाडा) की प्रयोगशालाओं द्वारा इसी साल जनवरी में दिए गए डाटा को अयोग्य करार दिए जाने के बाद लिया गया है। रुसाडा के पास अब इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 21 दिनों का समय है और अगर वह अपील करते हैं तो इस अपील को खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) में भेजा जाएगा। वाडा की उपाध्यक्ष लिंडा हेलेलैंड ने कहा कि चार साल का प्रतिबंध काफी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं प्रतिबंध चाहती थी जिसे हल्के में नहीं लिया जाए. साफ सुथरे खिलाड़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम प्रतिबंध को मजबूती से लागू करें।’ रूस पर 2015 से ही एक राष्ट्र के तौर पर खेलने पर प्रतिबंध है। इस प्रतिबंध के बाद भी हालांकि रूस यूरो-2020 में हिस्सा ले सकेगी क्योंकि यूरोप की फुटबॉल संस्था यूईएफए को खेल के बड़े आयोजकों में नहीं गिना जाता है।

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