धार्मिक

तांबे का लौटा दूर करेगा हर तरह वास्तुदोष, जाने कैसे

जिस घर में हम निवास करते है। अगर वह वास्तु के अनुसार न हो तो वास्तुदोष हो जाता है, जिस वजह से आपके घर में आपके साथ कई तरह की परेशानियां निवास करने लगती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह वास्तुदोष घर निर्धनता, बीमारियां, तनाव और बुरी किस्मत जैसी परेशानियां लेकर आता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इन वास्तुदोषो का खत्म नहीं किया जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे वास्तुशास्त्र के उपाय बताने जा  रहे है जो कई तरह के वास्तुदोषो का निवारण है।

इस उपाय को करने के लिए आपके पास एक तांबे का लौटा चाहिए।  लेकिन आपको इस बात का खास ख्याल रखना है कि इस लौटे में कोई भी छेद न हो।  इस तांबे के लौटे में आपको हनुमान जी के चरणों का थोड़ा सा सिन्दूर, एक नाग नागिन का चांदी का जोड़ा, चांदी की एक जोड़ी पादुकाएं, लोहे के तार से बनी त्रिशूल की आकृति यह सारी चीजें रखनी होगी। ये सारी चीजें सुनार के पास आसानी से मिल जाती है।  इसके आलावा  बिना खंडित हल्दी की एक गाठ  साथ ही तांबे के कुछ सिक्के या फिर आप पूजा पाठ में रखे जाने वाले सिक्के भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन सबको लौटे का अंदर रख लौटे को  गंगाजल से भर दे। अब इस लौटे के ढक्कन को इस तरह रखे जिससे उसका उठा हुआ भाग ऊपर की तरफ रहे। इसके बाद इस लौटे को सील कर दे। आप ये सील दूकान से भीकरवा सकते हैं, या फिर आटे की मदद से खुद भी कर सकते है। अब इस लौटे को जहाँ भी आपके घर का मैन गेट है, वहां गड्डा खोदकर गंगाजल या नारियल का पानी छिड़ककर गाड़ दे। अब अशोक के पत्ते लेकर इसे 8 हिस्से में काट के चक्र बना ले और इस पत्तों के चक्र के ऊपर ही कलश को स्थापित करे।  इसके बाद इसके ऊपर मिट्टी डाल के सीमेंट से प्लेन करवा दे। इस कलश स्थापना को चैत्र माह में स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता हैं। या फिर आप इसे साल के किसी भी मंगलवार ओ स्थापित कर सकते हैं।

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