खेल

देश के लिए मेडल जीतने वाली इस वेटलिफ्टर के करियर पर लगा चार साल का बैन

डोपिंग मामले में फंसी इस खिलाड़ी पर लगा चार साल का बैन

कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में जीतकर देश के लिए मेडल लाना एक बड़ी बात है। हर खिलाड़ी इस गौरव का हकदार बनना चाहता है और देश के लिए मेडल जीतकर अपना और देश का नाम  रौशन करना चाहता है। ऐसी ही खिलाड़ी है वेटलिफ्टर सीमा जिन्होने कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में सिल्वर मेंडल जीतकर अपना और देश का नाम रौशन किया लेकिन नेशनल एंटी डोपिंग ने इनके करियर पर चार साल का बैन लगा दिया है। चार साल तक सीमा अपने देश के लिए नहीं खेल पाएगी।

दरअसल वेटलिफ्टर सीमा डोप टेस्ट में फेल हो गई जिस वजह से उन्हें चार साल का प्रतिबंध झेलना पड़ेगा। हालाकि सीमा 2017 के कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत चुकी है।  नाडा की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी गई कि जो भी पदार्थ सीमा के सैंपल में पाए गए उसे 2019 में वाडा की जारी लिस्ट में प्रतिबंधित किया गया था। नाडा ने कहा है कि सीमा का डोप सैंपल इसी साल विशाखापत्तनम में हुए 34वें नेशनल वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप के दौरान लिया गया था।

जारी बयान के अनुसार ‘सीमा की डिटेल रिपोर्ट एडवर्स एनलिटक फाइंडिंग (एएफ) के पास लौट कर आई थी, जिसमें प्रतिबंधित पदार्थो के नमूने पाए गए। सीमा का अपराध तब और गंभीर हो गया जब उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए जारी चैम्पियनशिप में इन पदार्थ का सेवन किया जो साफ तौर पर धोखाधड़ी और नाडा के नियमों के उल्लंघन का मामला है।’ सीमा के सैंपल में हाइड्रोक्सी 4 मिथॉक्सी टेमोक्सीफेन, सलेक्टिव एस्ट्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलर मेटेनोलोन, एनाबोलिक स्टेरॉयड ओस्टारीन, सलेक्टिव एंड्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलर मौजूद थे।

इन सभी पदार्थों को 2019 में वाडा की जारी लिस्ट में प्रतिबंधित किया गया था। चैम्पियनशिप के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने का मतलब है कि उन्होंने प्रदर्शन बेहतर करने के लिए इसे लिया। सीमा को नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने सुनवाई के बाद चार साल के लिए निलंबित किया है। सीमा 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला 75 किग्रा वर्ग में छठे स्थान पर थी।

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